मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के खिलाफ खिलाफ एक्शन जारी है। मुख्यमंत्री ने शहरी के परिजनों की मदद के लिए जुटाई गई धनराशि के दुरुपयोग मामले में आगरा के जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) को निलंबित करने और एक अन्य मामले में मथुरा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) व अग्निशमन अधिकारी (एफओ) के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए हैं। आगरा के जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह के संबंध में शिकायत की गई थी कि उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले में जिला निवासी शहीद स्वर्गीय कौशल किशोर के परिजनों की मदद के लिए विभागीय कर्मचारियों द्वारा जुटाए गए 2.70 लाख रुपये चंदे की राशि का दुरुपयोग करने का कुत्सित प्रयास किया। इस मामले की जांच के आदेश दिए गए।
ग्रामीण विकास विभाग के एक अधिकारी ने जांच के दौरान साक्ष्य जुटाने में सहयोग किया और आरोप साबित होने लगे तो संबंधित कर्मी का डीडीओ ने मनरेगा में तबादला कर दिया। जबकि, संबंधित कर्मी के रिटायरमेंट में 15 दिन ही बाकी था। सिंह को जब लगा कर्मचारी आंदोलन कर सकते हैं तो उन्होंने यह धनराशि धीरे-धीरे वापस करनी शुरू कर दी। आयुक्त आगरा मंडल की जांच में भी आरोपों को सही बताया गया और मुख्यमंत्री से डीडीओ के निलंबन की संस्तुति की गई। मुख्यमंत्री ने डीडीओ को निलंबित कर कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं।
इसी तरह मथुरा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजय कुमार शर्मा व अग्निशमन अधिकारी कृष्णा कुमार ने एक प्लाट में बने राधा टावर स्किपर का निरीक्षण किया। इसमें भवन की कमियों तथा भवन के सेटबैक व निकास मार्ग अपर्याप्त होने का उल्लेख न कर अग्निशमन व्यवस्थाओं की कार्यशीलता प्रमाणित कर दी गई।
मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों ही अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही के आदेश कर दिए हैं। उन्होंने पत्रावली में देरी के लिए संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने के भी निर्देश दिए हैं।
शहीद के परिजन की मदद को जुटाई रकम के दुरुपयोग में आगरा के डीडीओ सस्पेंड